Confidence और Decision-Making: बच्चों के भविष्य की नींव
मेरा मानना है कि बच्चों में confidence और decision-making skills का विकास बहुत कम उम्र से ही शुरू हो जाना चाहिए। आज की तेजी से बदलती दुनिया में यह सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि एक आवश्यकता है। हमारा स्कूल, The Base Neo School, Haldwani, Uttarakhand में, हमारा उद्देश्य यही है कि बच्चे न सिर्फ किताबी ज्ञान हासिल करें, बल्कि जीवन के हर पहलू में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें।
जब मैंने देखा कि बच्चे कितनी स्वाभाविक रूप से creativity और जिज्ञासा दिखाते हैं, तो मुझे एहसास हुआ कि सही मार्गदर्शन के साथ यह जिज्ञासा उनके भीतर एक मजबूत नींव बन सकती है। हमने अपने JEP approach के जरिए यह सुनिश्चित किया है कि हर बच्चा entrepreneurial mindset के साथ बड़ा हो। हमारी tagline, "Entrepreneurship Starts at 3, Not at 30!" यही दर्शाती है कि हमें बच्चों को शुरू से ही सशक्त बनाना होगा।
Confidence का निर्माण: छोटे कदम, बड़े सपने
मुझे याद है जब मैंने पहली बार हमारे Pre-Primary के बच्चों को एक छोटे से project में हिस्सा लेते देखा। उन्हें एक काल्पनिक दुकान चलाने का टास्क दिया गया था। कुछ बच्चों ने अपनी दुकान के लिए नाम चुने, कुछ ने अपने products की कीमतें तय कीं। यह देखकर मेरा दिल खुश हो गया कि कैसे इतने छोटे बच्चे भी आत्मविश्वास के साथ अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।
The Base Neo School में हम मानते हैं कि confidence तब आता है, जब बच्चों को अपनी बात कहने का मौका मिलता है। हम हर कक्षा में ऐसे activities शामिल करते हैं, जहां बच्चे अपने विचार साझा कर सकें, चाहे वह एक कहानी सुनाना हो या कोई नया idea प्रस्तुत करना। हमारा JEP दृष्टिकोण यह सुनिश्चित करता है कि बच्चे हर विषय को entrepreneurship के नजरिए से देखें, जिससे उनकी सोच में एक अलग तरह की स्पष्टता आती है।
Decision-Making: गलतियों से सीखना, आगे बढ़ना
मेरा यह विश्वास है कि decision-making एक ऐसी कला है, जिसे जितनी जल्दी सीख लिया जाए, उतना ही बेहतर होता है। हमारे स्कूल में हम बच्चों को छोटे-छोटे फैसले लेने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। उदाहरण के लिए, Class III के एक group activity में बच्चों को यह तय करना था कि वे अपने project के लिए कौन सा रंग इस्तेमाल करेंगे। कुछ बच्चों ने नीला चुना, कुछ ने लाल। लेकिन जब उनकी पसंद काम नहीं आई, तो उन्होंने खुद ही दूसरा रंग आजमाया। यह छोटी सी घटना उनके भीतर problem-solving की भावना को जागृत करती है।
हमारे JEP framework में हर विषय को इस तरह से पढ़ाया जाता है कि बच्चे सीखें कि हर फैसले का एक परिणाम होता है। हम mathematics को business calculations से जोड़ते हैं, science को innovation से, और language को communication skills से। इस तरह बच्चे यह समझते हैं कि उनके हर फैसले का एक बड़ा असर हो सकता है।
गलतियों को एक अवसर के रूप में देखना
मैंने अक्सर देखा है कि बच्चे गलतियों से डरते हैं, लेकिन हमारा मकसद है कि वे इसे एक सीखने का मौका समझें। The Base Neo School में हम बच्चों को बताते हैं कि गलती करना बुरा नहीं है, बुरा है गलती से न सीखना। हमारे शिक्षक बच्चों को हर कदम पर गाइड करते हैं, लेकिन उन्हें अपने फैसले खुद लेने की आजादी भी देते हैं।
- हम role-play activities के जरिए बच्चों को वास्तविक जीवन की परिस्थितियों से रूबरू करवाते हैं।
- हर हफ्ते एक reflection session होता है, जहां बच्चे यह सोचते हैं कि उन्होंने क्या सीखा।
- हमारा JEP curriculum बच्चों को हर दिन एक नया challenge देता है, ताकि वे अपनी decision-making skills को बेहतर कर सकें।
माता-पिता और शिक्षकों की भूमिका
मेरा यह मानना है कि बच्चों के भीतर confidence और decision-making का विकास तभी संभव है, जब माता-पिता और शिक्षक मिलकर काम करें। मैं सभी माता-पिता से यह अनुरोध करता हूं कि वे अपने बच्चों को छोटे-छोटे फैसले लेने दें, जैसे कि वे स्कूल के लिए क्या पहनना चाहते हैं या फिर अपनी दिनचर्या कैसे बनाना चाहते हैं। इन छोटे फैसलों से ही बच्चे बड़े फैसलों के लिए तैयार होते हैं।
हमारे शिक्षक भी इस दिशा में लगातार प्रयास करते हैं। वे बच्चों को सिर्फ सही जवाब देने के लिए नहीं, बल्कि सही सवाल पूछने के लिए भी प्रेरित करते हैं। यह सवाल पूछने की आदत ही बच्चों को एक confident leader बनाती है।
"If we want our children to lead tomorrow, we must let them make decisions today."
St. Lawrence की विरासत और हमारा विजन
St. Lawrence Sr. Sec. School की विरासत को आगे बढ़ाते हुए, The Base Neo School में हमारा सपना है कि हर बच्चा एक confident और independent thinker बने। हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे न सिर्फ नौकरी पाने वाले बनें, बल्कि नौकरी देने वाले भी बनें। हमारा JEP approach इसी दिशा में काम करता है।
मैं हर माता-पिता और शिक्षक को यह कहना चाहता हूं कि बच्चों के भीतर की संभावनाओं को पहचानें। उनकी हर छोटी जीत को सेलिब्रेट करें, और हर गलती को एक नया सबक बनने दें। हमारा स्कूल इस यात्रा में आपके साथ है, और हम मिलकर बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाएंगे।
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